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पल्स पावर सप्लाई और डीसी पावर सप्लाई के बीच अंतर

पल्स पावर सप्लाई और डीसी (डायरेक्ट करंट) पावर सप्लाई दो अलग-अलग प्रकार के पावर सोर्स हैं जिनका उपयोग विभिन्न अनुप्रयोगों में किया जाता है, जिनमें से प्रत्येक की अपनी विशेषताएं और उद्देश्य होते हैं।

डीसी पावर सप्लाई

● निरंतर आउटपुट: एक ही दिशा में विद्युत धारा का निरंतर और स्थिर प्रवाह प्रदान करता है।

● स्थिर वोल्टेज: समय के साथ वोल्टेज में कोई महत्वपूर्ण उतार-चढ़ाव नहीं होता है।

● एक स्थिर और सहज आउटपुट तरंग उत्पन्न करता है।

● वोल्टेज और करंट के स्तर पर सटीक और निरंतर नियंत्रण प्रदान करता है।

● यह उन अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त है जिनमें स्थिर और नियंत्रित बिजली इनपुट की आवश्यकता होती है।

● निरंतर बिजली की जरूरतों के लिए इसे आम तौर पर ऊर्जा-कुशल माना जाता है।

● बैटरी से चलने वाले उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, स्थिर वोल्टेज स्रोत।

पल्स पावर सप्लाई

● यह ऊर्जा के स्पंदनों या आवधिक विस्फोटों के रूप में विद्युत आउटपुट उत्पन्न करता है।

● आउटपुट एक दोहराव वाले पैटर्न में शून्य और अधिकतम मान के बीच बारी-बारी से बदलता रहता है।

● यह एक स्पंदित तरंग उत्पन्न करता है, जिसमें प्रत्येक स्पंदन के दौरान आउटपुट शून्य से एक चरम मान तक बढ़ता है।

● इसका उपयोग अक्सर उन अनुप्रयोगों में किया जाता है जहां रुक-रुक कर या स्पंदित बिजली फायदेमंद होती है, जैसे कि पल्स प्लेटिंग, लेजर सिस्टम, कुछ चिकित्सा उपकरण और कुछ प्रकार की वेल्डिंग।

● पल्स की चौड़ाई, आवृत्ति और आयाम पर नियंत्रण की अनुमति देता है।

● यह उन अनुप्रयोगों में उपयोगी है जहां ऊर्जा के नियंत्रित विस्फोटों की आवश्यकता होती है, और पल्स के मापदंडों को समायोजित करने में लचीलापन प्रदान करता है।

● यह कुछ ऐसे अनुप्रयोगों के लिए कुशल हो सकता है जहां बिजली की रुक-रुक कर मिलने वाली आपूर्ति पर्याप्त होती है, जिससे निरंतर बिजली आपूर्ति की तुलना में ऊर्जा की बचत हो सकती है।

● इलेक्ट्रोप्लेटिंग में पल्स प्लेटिंग, पल्स लेजर सिस्टम, कुछ प्रकार के चिकित्सा उपकरण, वैज्ञानिक और औद्योगिक परिवेश में पल्स पावर सिस्टम।

मुख्य अंतर आउटपुट की प्रकृति में निहित है: डीसी पावर सप्लाई निरंतर और स्थिर प्रवाह प्रदान करती हैं, जबकि पल्स पावर सप्लाई स्पंदित तरीके से ऊर्जा के रुक-रुक कर झटके देती हैं। इनके बीच चुनाव अनुप्रयोग की विशिष्ट आवश्यकताओं पर निर्भर करता है, जिसमें स्थिरता, सटीकता और लोड की प्रकृति जैसे कारकों को ध्यान में रखा जाता है।


पोस्ट करने का समय: 09 मार्च 2024